अघोरी गोपाल ने भारत पॉडकास्ट पर खोले तंत्र साधना और वशीकरण के रहस्य
August 19, 2026राजस्थान। तंत्र साधना, अघोर परंपरा और वशीकरण की रहस्यमयी दुनिया को लेकर अघोरी गोपाल ने भारत पॉडकास्ट पर कई रोचक बातें साझा कीं। भारत पॉडकास्ट के होस्ट दीपक सारस्वत के साथ खास बातचीत में उन्होंने अघोर साधना, श्मशान साधना, कर्ण पिशाचिनी, मंत्र शक्ति और वशीकरण से जुड़ी मान्यताओं तथा अपने अनुभवों के बारे में विस्तार से बताया।
पॉडकास्ट के दौरान होस्ट दीपक सारस्वत ने अघोरियों की रहस्यमयी जीवनशैली, श्मशान में होने वाली साधनाओं, भस्म धारण करने, वशीकरण और कथित अलौकिक शक्तियों को लेकर कई सवाल पूछे। इन सवालों के जवाब में अघोरी गोपाल ने बताया कि उनका पालन-पोषण अघोर परंपरा के वातावरण में हुआ और बचपन से ही उन्हें एक अघोरी गुरु का सानिध्य मिला।
अघोरी गोपाल के मुताबिक अघोर परंपरा में प्रवेश करना आसान नहीं है। साधक को सांसारिक मोह और भय से ऊपर उठकर स्वयं को भगवान शिव की आराधना और कठिन साधना के लिए समर्पित करना पड़ता है। उन्होंने श्मशान को अघोर साधना का महत्वपूर्ण स्थान बताया।
कर्ण पिशाचिनी साधना पर उन्होंने दावा किया कि यह बेहद कठिन और दुर्लभ साधनाओं में से एक है और इसे सिद्ध करने में कई वर्ष लग सकते हैं। उनके अनुसार इस साधना के माध्यम से भूत, वर्तमान और भविष्य से जुड़ी जानकारी प्राप्त होने की मान्यता है। हालांकि इस तरह के अलौकिक दावों की वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पॉडकास्ट में वशीकरण और मोहनी साधना पर भी चर्चा हुई। दीपक सारस्वत के सवालों का जवाब देते हुए अघोरी गोपाल ने दावा किया कि तंत्र परंपरा में वशीकरण के अलग-अलग प्रकार बताए गए हैं। उन्होंने अपने पास आए कुछ व्यक्तिगत मामलों का उदाहरण देते हुए महादेव की आराधना और तांत्रिक साधना के माध्यम से लोगों की समस्याओं में सहायता करने का दावा किया। हालांकि किसी व्यक्ति के मन या व्यवहार को वशीकरण से नियंत्रित करने के दावों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।
अघोरी गोपाल ने भस्म धारण करने, आत्माओं से जुड़ी मान्यताओं और श्मशान साधना पर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक अघोर परंपरा का मूल केंद्र भगवान शिव की आराधना है। उन्होंने कर्म के सिद्धांत पर जोर देते हुए लोगों को अच्छे कर्म करने और भगवान शिव की भक्ति करने का संदेश दिया।
भारत पॉडकास्ट के होस्ट दीपक सारस्वत और अघोरी गोपाल के बीच हुई इस खास बातचीत में तंत्र और अघोर की रहस्यमयी दुनिया से जुड़े कई अनछुए पहलुओं पर चर्चा हुई। हालांकि तंत्र, वशीकरण, आत्माओं से संवाद और भविष्य जानने जैसी अलौकिक शक्तियों से जुड़े दावों के वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए ऐसे दावों को लेकर सावधानी और विवेक बरतना जरूरी है।


अघोरी गोपाल ने भारत पॉडकास्ट पर खोले तंत्र साधना और वशीकरण के रहस्य
